भारत सरकार के पाकिस्तान के साथ जल्द किसी द्विपक्षीय शृंखला की संभावना को सिरे से खारिज करने के बाद बीसीसीआई और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के बीच सोमवार को दुबई में हुई बैठक विफल रही है।
बीसीसीआई की ओर से बैठक में संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी, सीईओ राहुल जौहरी और जीएम (क्रिकेट आपरेशंस) एम वी श्रीधर ने हिस्सा लिया था। बीसीसीआई से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पीसीबी के सहमति पत्र (एमओयू) के तहत द्विपक्षीय सीरीज न होने पर 60 मिलियन डॉलर का हर्जाना मांगे जाने के मुद्दे पर विचार-विमर्श हुआ।
पीसीबी का कहना है कि 2015-2023 के बीच आठ सालों में दोनों बोर्डों के बीच पांच द्विपक्षीय सीरीज खेलने पर सहमति बनी थी। बीसीसीआई उसका पालन नहीं कर रहा है। इस तरह के भी विचार सामने आए कि सितंबर में एक संक्षिप्त वनडे सीरीज खेल ली जाए। यह भी उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई के पीसीबी को हर्जाने देने की संभावना नहीं है क्योंकि उसका पहले से ही नजरिया स्पष्ट है कि पाकिस्तान से खेलने के लिए भारत सरकार की अनुमति सबसे महत्वपूर्ण है। दरअसल बीसीसीआई ने पीसीबी को कहा है कि वह हर्जाने के दावे को वापिस ल्रे।