मंगलवार (30 जनवरी) को मंगलवार को भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर एक नया राजनीतिक मोर्चा राष्ट्र मंच बना लिया है। इस दौरान यशवंत सिन्हा ने कहा था कि यह मंच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन करने के लिए खड़ा किया है चाहे फिर नीतियां केंद्र सरकार की हों या राज्य सरकार की। हाल ही में किसानों के मामले पर उन्होंने महाराष्ट्र के अकोला में आंदोलन किया और तभी खत्म किया जब मुख्यमंत्री ने उनकी सारी मांगे मान ली थी।
सांसद शत्रुघ्न सिन्हा से पूछे जाने पर क्या वे सरकार की नीतियों से संतुष्ट नहीं हैं, उनका कहना था यदि उन्हें पार्टी पर बोलने का मौका दिया गया होता तो वे इस मंच पर क्यों आते। उन्होंने नाराजगी जाहिर की कि संसद का बजट सत्र धीरे-धीरे घटाकर सिर्फ 5 दिनों का कर दिया गया है। इसी तरह 3 दिन तक चलने वाली पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी अब सिर्फ आधे दिन में ही खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा कि वहां उन्हीं लोगों को बोलने दिया जाता है जो वही बोलते हैं जो पार्टी नेतृत्व सुनना चाहता है। बता दें कि ये दोनों बीजेपी नेता पिछले कुछ समय से बीजेपी के खिलाफ काफी मुखर रहे हैं।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या यशवंत और शत्रुघ्न की गतिविधियों से भाजपा को आगामी चुनावों में नुकसान हो सकता है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3,488 वोट मिले। इनमें 51.89 फीसदी (1,810 वोट) पाठकों ने माना कि यशवंत और शत्रुघ्न की गतिविधियों से बीजेपी को आगामी चुनावों में नुकसान हो सकता है, जबकि 48.11 फीसदी (1,678 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि यशवंत और शत्रुघ्न की गतिविधियों से बीजेपी को आगामी चुनावों में नुकसान नहीं होगा।