संसद का मानसून सत्र शुरू चुका है और यह 10 अगस्त तक चलेगा। भाजपा शासन में मानसून का यह आखिरी सत्र है। बता दें कि सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सभी राजनीतिक पार्टियों से संसद निर्विरोध चलने देने का आह्वान किया था। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा, जिसमें इस सत्र में 'महिला आरक्षण विधेयक' लाने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि आप बिल पेश कीजिए संसद में कांग्रेस इसका समर्थन करेगी। हालांकि इस बार भी संसद के मानसून सत्र में हंगामे के चलते 'महिला आरक्षण विधेयक' पारित न हो पाने की आशंका जताई जा रही है।
महिला आरक्षण बिल भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी गले की फांस बना हुआ है। यह इनसे न तो उगलते बन रहा है न निगलते ही बन रहा है। पिछले दस से अधिक सालों से शायद ही कोई संसद सत्र होगा जिसमें महिला आरक्षण बिल की बात न उठी हो। जिस तरह से इस आरक्षण विधेयक को पिछले कई सालों से बार-बार पारित होने से रोका जा रहा है या फिर राजनीतिक पार्टियों में इसे लेकर विरोध है इसे देखकर यह लगता है कि शायद ही यह कभी संसद में पारित हो सके।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या इस बार संसद के मानसून सत्र में बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक पारित हो जाएगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,022 वोट मिले। इनमें 59.59 फीसदी (1,205 वोट) पाठकों ने माना कि संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो पाएगा, जबकि 40.41 फीसदी (817 वोट) पाठकों ने संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने पर भरोसा जताया है।