भारतीय रेल में बढ़ते हादसों को देखते हुए भारतीय रेलवे एक वेबसाइट लॉन्च करने वाला है। जिसमें व्हिसलब्लोअर्स को एक प्लैटफॉर्म उपलब्ध करवाया जाएगा। इसमें वह सीधे उच्च अधिकारियों को सुरक्षा में हुई चूक के बारे में सीधे बता पाएंगे। उनकी पहचान को भी गुप्त रखा जाएगा।
इस वेबसाइट को रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र ने बनाया है। इसके जरिए रेलवे का कोई भी कर्मचारी जिसमें ट्रैकमैन से लेकर अधिकारी तक अनाम खुलासे करके एक सुरक्षित यात्रा को सुनिश्चित कर सकते हैं।
वेबसाइट के जरिए इंजीनियर द्वारा सुरक्षा के प्रोटोकॉल को तोड़ने से लेकर किसी के द्वारा ट्रेनों के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही और ड्यूटी पर सोते गेटमैन तक के बारे में सूचना दी जा सकेगी।
इस बेवसाइट की सीधे निगरानी रेल मंत्रालय के सुरक्षा विभाग द्वारा की जाएगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने कहा- इसे सार्वभौमिक रिपोर्टिंग तंत्र कहा जाता है। हमें उम्मीद है कि यह वेबसाइट मार्च से शुरू हो जाएगी।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या रेलवे द्वारा शुरू की जाने वाली व्हिस्लब्लोइंग वेबसाइट से रेलयात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 1525 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 53.84 फीसदी (821 वोट) ने माना कि व्हिस्लब्लोइंग वेबसाइट से रेलयात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी। जबकि 46.16 फीसदी (704) पाठकों ने माना कि इस वेबसाइट से रेलयात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित नहीं होगी।