देशभर में अब सीबीएसई नहीं बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) नीट, जेईई, नेट, सीमैट और जीपैट परीक्षाएं कराएगी। यही नहीं अगले साल से मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई (मेन) वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी। लेकिन जेईई एडवांस्ड का जिम्मा आईआईटी के पास ही रहेगा। इसकी घोषणा शनिवार (7 जुलाई) को केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने की।
संभवतः मई 2019 में यह दोनों परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। खास बात है कि दोनों परीक्षाएं केवल ऑनलाइन होंगी। दो बार परीक्षा कराने का उद्देश्य है की अगर किसी छात्र का एक प्रयास खराब हुआ है तो उसका साल बर्बाद न हो। वह 6 माह के अंदर ही दोबारा परीक्षा देकर पास कर ले। परीक्षाओं के पाठ्यक्रम व पैटर्न, सिलेबस और भाषा में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होगा।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या नीट और जेईई परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित होने चाहिए?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3,191 वोट मिले। इनमें 71.73 फीसदी (2,289 वोट) पाठकों ने माना कि नीट और जेईई परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित होनी चाहिए, जबकि 28.27 फीसदी (902 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि नीट और जेईई परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित नहीं होनी चाहिए।