तमिलनाडु की मदुरै में जलीकट्टू खेल के दौरान सोमवार (15 जनवरी) को एक शख्स की मौत हो गई। इस दौरान 25 लोग घायल भी हुए जिनमें से 6 लोगों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया। इस जानलेवा खेल में मरने वाले शख्स की पहचान डिंडीगुल के सनारपट्टी के 19 वर्षीय एस कालीमुत्थु के रूप में की गई थी। बेकाबू बैल ने जलीकट्टू देखने आए कलिमुथु समेत कई लोगों को नुकसान पहुंचाया।
इस साल इस खेल में तमिलनाडु में यह पहली मौत है। इस हादसे के बाद एक बार फिर इस खेल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि दक्षिण भारत में मनाए जाने वाले पोंगल त्योहार पर फसलों की कटाई को दौरान जल्लीकट्टू का आयोजन किया जाता है। दरअसल, जानलेवा माहौल बन जाने के चलते ये खेल अक्सर विवादों में रहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट इस खेल पर रोक भी लगा चुका है और तमिलनाडु सरकार को नोटिस भी जारी किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल राज्य सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा था कि आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया?
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या तमिलनाडु में आस्था के नाम पर जलीकट्टू को आयोजित करना सही है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4,304 वोट मिले। इनमें 64.31 फीसदी (2768 वोट) पाठकों ने माना कि तमिलनाडु में आस्था के नाम पर जलीकट्टू को आयोजित करना गलत है, जबकि 35.69 फीसदी (15366 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में सहमति जताते हुए कहा कि आस्था के नाम पर जलीकट्टू खेल को आयोजित करना सही हैं।