मंगलवार (16 जनवरी) को केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी पूरी तरह से खत्म कर दी। आजादी के बाद यह पहला अवसर है, जब हाजियों को हज यात्रा के लिए सरकारी मदद नहीं मिलेगी।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि सब्सिडी के मद में खर्च होने वाली 700 करोड़ रुपये की रकम अब अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों की शिक्षा और उनके सशक्तीकरण पर खर्च होगी। उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार का लक्ष्य तुष्टिकरण नहीं, सशक्तीकरण है। इसलिए तय किया गया है कि सब्सिडी के पैसे का उपयोग अल्पसंख्यकों के सशक्तीकरण पर किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि वैसे भी सब्सिडी का लाभ गरीबों को नहीं, एजेंट और कंपनियां को ही मिलता था।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या हज सब्सिडी खत्म होने का फायदा मुस्लिमों को मिल पाएगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 5,803 वोट मिले। इनमें 65.52 फीसदी (3,802 वोट) पाठकों ने माना कि हज सब्सिडी खत्म होने का फायदा मुस्लिमों को मिलेगा, जबकि 29.97 फीसदी (1,739 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि हज सब्सिडी खत्म होने का फायदा मुस्लिमों को नहीं मिलेगा। वहीं 4.51 फीसदी (262 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।