शुक्रवार (26 जनवरी उत्तर प्रदेश के कासगंज में गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी। जिसमें हिंदू युवा कार्यकर्ताओं और मुस्लिम समाज के लोगों से हुई भिड़ंत में एक हिंदू युवक की मौत और दो अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और शहर में कई जगहों में तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं हुई।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या कासगंज की घटना नेताओं की भड़काऊ बयानबाजी का नतीजा है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 1,688 वोट मिले। इनमें 69.85 फीसदी (1,179 वोट) पाठकों ने माना कि कासगंज की घटना नेताओं की भड़काऊ बयानबाजी का नतीजा है, जबकि 30.15 फीसदी (509 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि कासगंज की घटना नेताओं की भड़काऊ बयानबाजी का नतीजा नहीं है।