जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने उनके वेतन और अन्य बकायों के भुगतान एवं एयरलाइन को फौरी मदद उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से गुहार लगाई है। इस पत्र को दो कर्मचारी यूनियन ने लिखा है। पत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भी भेजा गया है।
जेट एयरवेज के 22 हजार कर्मचारियों के सामने घर चलाने को लेकर के संकट पैदा हो गया है। इन कर्मचारियों को दिसंबर से लेकर के अभी तक सैलरी नहीं मिली है। एयरलाइन कब तक फिर से शुरू होगी, इसका भी इन कर्मचारियों को नहीं पता है। नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी हुई है। एयरलाइन ने परिचालन के लिए पर्याप्त धन नहीं होने की वजह से अपने सेवाओं को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या जेट एयरवेज के 22 हजार कर्मचारियों की मदद के लिए सरकार को आगे आना चाहिए?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4,851 वोट मिले। इनमें 84.56 फीसदी (4102 वोट) पाठकों ने माना कि सरकार को जेट एयरवेज के 22 हजार कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। जबकि 15.44 फीसदी (749 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि सरकार को जेट एयरवेज के 22 हजार कर्मचारियों की मदद के लिए आगे नहीं आना चाहिए।