बीते दिनों देश के कई समाचार पत्रों के मुख्य पृष्ठ पर जियो का विज्ञापन था। जियो के इस विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर का प्रयोग किया गया था। इस पर संसद में सपा सांसद ने सवाल किया था कि क्या पीएम की तस्वीर विज्ञापन में छापने के लिए पीएमओ से इजाजत ली गई थी। इस पर सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने लिखित में जवाब दिया कि पीएम की तस्वीर विज्ञापन में इस्तेमाल करने के लिए पीएमओ से इजाजत नहीं ली गई थी। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि इस बात की जानकारी सरकार को थी।
अमर उजाला ने इसी मुद्दे पर पाठकों से रायशुमारी की। अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल के जरिए पाठको से पूछा कि क्या पीएम को अपनी तस्वीर किसी मोबाइल कंपनी के विज्ञापन में प्रयोग होने देना चाहिए? इस पोल में कुल 7,219 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे ज्यादा 78.67 फीसदी (5,679 पाठकों) ने कहा कि किसी निजी कंपनी के विज्ञापन में पीएम की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
18.76 फीसदी (1354 पाठकों) ने कहा कि निजी कंपनीयों के विज्ञापन में भी पीएम के तस्वीर का इस्तेमाल होना चाहिए। वहीं, पोल में शामिल 2.58 फीसदी (186 पाठकों) ने कहा कि वो इस मामले में कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं।