राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस की बैठक में हैती व कुछ अफ्रीकी देशों के अप्रवासी समझौते में शामिल होने पर अड़ियल रुख अपनाया है। उन्होंने अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करते हुए इन देशों पर नस्लीय टिप्पणी की।
ट्रंप ने सांसदों को चेताते हुए सवाल उठाया कि वह कुछेक अफ्रीकी और हैती जैसे ‘शिटहोल देशों’ (गंदी नाली के कीड़ों वाले देश) के अप्रवासियों को अमेरिका में क्यों स्वीकार करें? क्यों न इनके बजाय नार्वे जैसे देशों को स्वीकार किया जाए जिन्हें बातचीत करने का ज्ञान है?
ट्रंप की टिप्पणी अमेरिका में नस्लीय रिमार्क देने वाला एक ताजा उदाहरण है जो कैबिनेट कक्ष में अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के रिपब्लिकन व डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के सदस्यों की बैठक के दौरान चीख-चीखकर दी गई।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आप भी मानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी'? सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 1972 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 58.06 फीसदी (1145 वोट) ने माना कि ट्रंप को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। जबकि 36.87 फीसदी पाठकों (727 वोट) पाठकों ने माना कि उन्हें ऐसी टिप्पणी करनी चाहिए थी। वहीं, 5.07 फीसदी (100 वोट) पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।