हाल ही में देश के प्रमुख परीक्षा बोर्ड के रिजल्ट जारी हुए हैं। परिणामों में अंकों की बरसात हुई है। छात्र-छात्राओं को 99 फीसद से भी अंत प्राप्त हुए हैं। इस तरह का मूल्यांकन छात्र-छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाता तो है लेकिन कई सवाल भी खड़े करता है। इन सवालों में एक बड़ा सवाल यह भी है कि अंकों से भरी मार्कशीट लेकर जब छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए ऐसे संस्थानों में जाते हैं जहां प्रवेश किसी परीक्षा के आधार पर नहीं बल्कि मेरिट के आधार पर मिलता है, तो ऐसे कई प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं जिनके अंक उतने अच्छे नहीं हैं, प्रवेश पाने से चूक जाते हैं।