भारत आतंकवाद से लंबे समय से जूझ रहा। आतंकवाद से निपटने की ठोस नीति को लेकर विभिन्न दलों की राजनीतिक बयानबाजी से मतभेद साफ नजर आते हैं। अतीत में आतंकवादी हमलों में सैकड़ों आम नागरिकों की जान गई है। हाल में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सैन्य बलों पर हुए आतंकी हमले के बाद यह मुद्दा एक बार फिर गरमा गए हैं।
इसी को लेकर अमर उजाला ने अपने पाठकों से सवाल पूछा था कि, "क्या आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई की दशा, दिशा और गति सही है?" इसके जवाब में कुल 3835 वोट पड़े। इनमें से 46.81 फीसदी पाठकों का मत है कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई की दशा, दिशा और गति सही है। वहीं 53.19 फीसदी पाठकों का मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई की दशा, दिशा और गति सही नहीं है।