पाकिस्तान के नवनिर्वाचित विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को शपथ लेने के बाद अपने पहले ही संबोधन में झूठ कहा था। उन्होंने कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने शांति वार्ता शुरू करने के प्रति दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि अब खुद उनका मंत्रालय इस बात से मुकर गया है। इससे पहले भारत की तरफ से भी इस दावे को नकारा जा चुका है।
इस मामले पर बवाल होने के बाद भारत सरकार के सूत्रों ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में पाकिस्तानी के नए पीएम को बधाई दी थी और उन्होंने बातचीत को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। सूत्रों के अनुसार पत्र में लिखा है कि भारत शांतिपूर्ण पड़ोसी संबंधों और आतंक मुक्त क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है। इसी शर्त पर भारत पाकिस्तान के साथ बातचीत करने को तैयार है।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से बातचीत शुरू होनी चाहिए?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 1218 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 35.39 फीसदी (431 वोट) पाठकों ने माना कि भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से बातचीत शुरू होनी चाहिए। जबकि 64.61 फीसदी (787 वोट) पाठकों ने माना कि भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से बातचीत शुरू नहीं होनी चाहिए।