बॉल टेंपरिंग विवाद में फंसे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरून बैनक्रॉफ्ट पर बुधवार (28 मार्च) को फैसला आया। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ और पूर्व उप-कप्तान डेविड वॉर्नर पर एक-एक साल का प्रतिबंध लगाया गया। इसके अलावा कैमरन बेनक्रॉफ्ट पर 9 महीने का प्रतिबंध लगा।
इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने तीनों ही खिलाड़ियों को सीरीज से बाहर कर वापस देश लौटने के आदेश दे दिए थे। वहीं बॉल टेंपरिंग की घटना के कुछ ही घंटे बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने क्रिकेट एसोसिएशन को स्टीव स्मिथ को कप्तानी से हटाने के लिए कहा था। इस मामले का खुलासा होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने जमकर अपने देश के खिलाड़ियों की फजीहत निकाली थी।
द. अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में यह मामला तब सामने आया था जब मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरन बेनक्रॉफ्ट अचानक कैमरे की रडार में आ गए। इस दौरान वह एक पीले टेप से गेंद को रगड़ रहे थे। खुद को बचाने के लिए बेनक्रॉफ्ट ने बाद में वो टेप जेब से निकालकर ट्राउजर में छिपा लिया था।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या स्मिथ और वॉर्नर पर बैन खत्म होने के बाद फिर किया जा सकेगा भरोसा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,207 वोट मिले। इनमें 41.78 फीसदी (922 वोट) पाठकों ने माना कि स्मिथ और वॉर्नर पर बैन खत्म होने के बाद फिर से भरोसा किया जा सकेगा, जबकि 58.22 फीसदी (1,285 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर बैन खत्म होने के बाद फिर से भरोसा नहीं किया जा सकेगा।