उत्तर प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच भतीजे अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल के बीच का विवाद गर्म होता दिख रहा है। लेकिन, इस बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी अलग पार्टी बनाने के कयासों पर विराम लगा दिया। छह मंत्रियों को बर्खास्त करने के बाद मुख्यमंत्री ने बयान दिया कि मैं पार्टी में ही रहूंगा, नई पार्टी नहीं बनाऊंगा। उन्होंने कहा कि मैं रथ भी चलाऊंगा और पार्टी के रजत जयंती समारोह में भी शामिल रहूंगा।
उन्होंने कहा कि नेताजी मेरे पिता हैं, मैं हमेशा ही उनकी सेवा करता रहूंगा। अखिलेश ने कहा कि नेताजी के जन्मदिन पर मैं उन्हें एक्सप्रेस वे का तोहफा दूंगा। उन्होंने कहा कि पार्टी नहीं टूटेगी। इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने अपने पाठकों से सवाल किया कि समाजवादी पार्टी में उठे सियासी बवंडर के लिए कौन जिम्मेदार है? इसके लिए पाठकों को तीन विकल्प दिए गए, पहला शिवपाल यादव, दूसरा अमर सिंह और तीसरा रामगोपाल यादव।
कुल 6,479 पाठकों ने हिस्सा लिया, जिसमें सबसे अधिक पाठकों ने पहले विकल्प शिवपाल यादव को चुना। 53.82 फीसदी 3,487 पाठकों ने माना कि सपा में उठे सियासी बवंडर के लिए शिवपाल यादव जिम्मेदार है। 36.95 फीसदी यानी 2,394 पाठकों ने अमर सिंह सपा में मचे घमासान के लिए जिम्मेदार माना। वहीं 9.23 फीसदी यानी 598 पाठकों ने रामगोपाल यादव फसाद की जड़ माना है।