पुणे के एक निजी स्कूल की तरफ से अनुशासन बनाने के नाम पर जारी किए गए निर्देश विवादों का केंद्र बन गए हैं। कोथरूड क्षेत्र के एमआईटी विश्वशांति गुरुकुल स्कूल की तरफ से जारी निर्देशों में छात्राओं को हर दिन अपनी सलवार के अंदर सफेद या मटमैले रंग का ही अंत: वस्त्र (इनर वियर) पहनकर परिसर में आने का फरमान जारी किया गया है।
इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं को दी गई स्कूल डायरी में दर्ज निर्देशों में स्कूल ने छात्रों को टाइम टेबल में लू ब्रेक के नाम से तय समय पर ही मूत्रालय का इस्तेमाल करने के भी निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों से इस संबंध में एक शपथपत्र भी देने को कहा है।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या यह सही है कि शैक्षणिक संस्थान छात्रों के अंत:वस्त्र के रंग निर्धारित करे?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 3114 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 30.6 फीसदी (953 वोट) पाठकों ने माना कि शैक्षणिक संस्थान छात्रों के अंत:वस्त्र के रंग निर्धारित करे। जबकि 69.4 फीसदी (2161 वोट) पाठकों ने माना कि शैक्षणिक संस्थान छात्रों के अंत:वस्त्र के रंग निर्धारित न करे।