भारत और पाकिस्तान में एक-दूसरे के राजनयिकों के कथित उत्पीड़न को लेकर तनातनी बढ़ती जा रही है। भारत ने पाकिस्तान द्वारा अपने उच्चायुक्त को सलाह के लिए वापस बुलाने के फैसले को ज्यादा तवज्जो न देते हुए इसे रूटीन मामला बताया है। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान को अपनी शिकायतें मीडिया के बदले राजनयिक माध्यम से भी उठाने की नसीहत देते हुए अपने राजनयिकों के सुरक्षा की गारंटी मांगी है। उधर, पाकिस्तान ने भी भारत में अपने राजनयिकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
पाकिस्तान द्वारा अपने उच्चायुक्त सुहैल महमूद को वापस बुलाने संबंधी सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि राजनयिकों और उच्चायुक्त को बुलाना एक सामान्य प्रक्रिया है। भारत ने भी कई बार ऐसा किया है। इसमें परेशान करने या तंग करने जैसी कोई बात नहीं है। जहां तक पाकिस्तान के आरोपों की बात है तो उसे अपनी शिकायतें मीडिया की जगह राजनयिक माध्यम से उठानी चाहिए। भारत वियना समझौते को पूरी तरह से लागू करने वाला देश है।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आपको लगता है कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कभी सामान्य नहीं हो सकते?'
सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 3388 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 62.25 फीसदी (2109 वोट) ने माना कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कभी सामान्य नहीं हो सकते। जबकि 37.75 फीसदी (1279) पाठकों ने माना कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य हो सकते हैं।