लाखों की अम्मा कहे जाने वाली जयललिता का राजनीतिक करियर विवादों में रहा, लेकिन विवादों से जुड़े रहने के बावजूद ज्यादातर समर्थक उनकी पूजा किया करते थे। इसकी वजह उनकी लोकलुभावन और गरीब समर्थक नीतियां मानी जाती थीं। जयललिता ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1982 में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) से जुड़ कर की थी।
अभिनय से राजनीति में आई जयललिता ने अपने पहले ही भाषण में महिलाओं की महानता पर बोला था। एक साल बाद ही जयललिता को पार्टी का प्रोपेगंडा सेक्रेट्री बना दिया गया। जयललिता 1991 में पहली बार सीएम बनीं। हालांकि उनका पहला कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। लेकिन धीरे-धीरे जयललिता ने अपनी पहचान बनाई और उन्हें लाखों समर्थक बहुत मानने लगे।
विवादों में रहने के बावजूद जयललिता के प्रति लोगों के प्यार और सपोर्ट पर अमर उजाला ने पोल किया। पोल में सवाल किया, 'तमिलनाडु में जयललिता की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण आप क्या मानते हैं?' पाठकों को पोल में तीन विकल्प दिए गए
पहला- गरीबों के लिए योजनाएं, दूसरा- जुझारू नेता की छवि और तीसरा- फिल्मों में मिली कामयाबी। पोल में कुल 7,971 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 81.51 फीसदी यानि 6,497 पाठकों ने माना कि जयललिता की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण गरीबों के लिए योजनाएं थी। 10.89 फीसदी यानि 868 पाठकों ने जयललिता की जुझारू नेता की छवि को उनकी लोकप्रियता का कारण बताया। वहीं 7.60 फीसदी यानि 606 पाठकों ने फिल्मों में मिली कामयाबी को वजह बताया।