राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस का मंच कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों के लिए हमेशा से विवादों में रहा है। पिछले दिनों पूर्व राष्ट्रपति के नागपुर आरएसएस के कार्यक्रम में जाने को लेकर कांग्रेस जहां दो फाड़ में बंट गई थी वहीं अब खबर आ रही है कि आरएसएस कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी सहित विपक्ष के कई नेताओं को दिल्ली में आयोजित होने वाले अपने एक कार्यक्रम 'भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण' में हिस्सा लेने के लिये आमंत्रित करेगा।
सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक आरएसएस अभी इस फैसले पर विचार कर रहा है लेकिन आरएसएस के कार्यक्रम में बुलाए जाने से ही मीडिया सहित कांग्रेस में सुगबुगाहट शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 'प्रबुद्ध लोगों' से संवाद करेंगे।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या राहुल गांधी को आरएसएस का न्योता स्वीकार करना चाहिए?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 3879 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 68.83 फीसदी (2670 वोट) पाठकों ने माना कि राहुल गांधी को आरएसएस का न्योता स्वीकार कर लेना चाहिए। जबकि 31.17 फीसदी (1209 वोट) पाठकों ने माना कि राहुल गांधी को आरएसएस का न्योता स्वीकार नहीं करना चाहिए।