कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अतीत में कुछ दलों और सरकारों ने आजादी के बाद देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को कम करने और मिटाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि देश के पहले गृहमंत्री की राजनीतिक सूझबूझ और शासन कौशल की वजह से आज देश एकजुट है। अंग्रेज चाहते थे कि भारत आजादी के बाद छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाए।
उन्होंने बिना किसी दल का नाम लेते हुए कहा, ‘पटेल को कम महत्व देने के प्रयास हुए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके योगदान को भुला दिया जाए। लेकिन सरदार तो सरदार हैं, सरकार या कोई भी दल भले ही उनके योगदान को स्वीकार करे या नहीं, लेकिन राष्ट्र और युवा उन्हें नहीं भूलेंगे।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या वाकई सरदार वल्लभ भाई पटेल को अब तक इतिहास से दूर रखा गया था? इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 10530 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 69.65 फीसदी यानि 7334 पाठकों ने माना कि पटेल को अब तक इतिहास से दूर रखा गया। जबकि 27.64 फीसदी पाठक यानि 2911 फीसदी पाठक उपरोक्त सवाल से सहमत नहीं हुए। वहीं, 2.71 फीसदी यानि 285 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।