कर्नाटक सरकार ने लिंगायत समुदाय के लिए अल्पसंख्यक दर्जा घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में शुक्रवार (23 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला लिया गया। इससे पहले राज्य सरकार ने लिंगायत समुदाय के लोगों को अलग धर्म का दर्जा देने के सुझाव को मंजूरी दी थी।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या धर्म-जाति के आधार पर राजनीतिक हित साधना और वोट बैंक आकर्षित करना सही है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,981 वोट मिले। इनमें 17.68 फीसदी (527 वोट) पाठकों ने माना कि धर्म-जाति के आधार पर राजनीतिक हित साधना और वोट बैंक आकर्षित करना जायज है, जबकि 82.32 फीसदी (2,454 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि धर्म-जाति के आधार पर राजनीतिक हित साधना और वोट बैंक आकर्षित करना ठीक नहीं है।