2019 में अगर यूपीए की जीत होती है तो राहुल गांधी के नेतृत्व में देश आगे बढ़े, कांग्रेस पार्टी के सहयोगी दल अब धीरे-धीरे इस थ्योरी को स्वीकार करने लगे हैं। आंधप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, डीएमके पार्टी के अध्यक्ष एमके स्टालिन और अब यूपीए के नए सहयोगी बने दल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी राहुल को प्रधानमंत्री बनाने की मांग का समर्थन कर दिया है।
कांग्रेस पार्टी के दफ्तर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने तो साफ तौर पर कह दिया कि जनता चाहती है 2019 में राहुल देश का नेतृत्व करें। उन्होंने जब यह बात कही, उस वक्त लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव व राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव भी प्रेसवार्ता में मौजूद थे।
अब सवाल यह है कि क्या क्या विपक्षी दलों का महागठबंधन मूर्तरूप ले सकेगा?। इसी को लेकर हमने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से पूछा कि क्या विपक्षी दलों का महागठबंधन मूर्तरूप ले सकेगा? सवाल के जवाब में कुल 3417 वोट पड़े।
इनमें 65.58 प्रतिशत लोगों का मानना है कि विपक्षी दलों का महागठबंधन मूर्तरूप नहीं ले सकेगा। जबकि 34.42 प्रतिशत लोगों का मानना है कि विपक्षी दलों का महागठबंधन मूर्तरूप ले सकेगा।