उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में मचा बवंडर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नाराज हैं तो दूसरी तरफ शिवपाल यादव को मनाने में मुलायम लगे हुए हैं। हालात तो तब बिगड़ गए जब चाचा-भतीजे को एक मंच पर खुली बहस करते हुए देखा गया।
इसके बाद नेताजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएम अखिलेश को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने अपने भाषण में भाई शिवपाल यादव का खुलकर पक्ष लिया और राम गोपाल का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग चापलूसी कर रहे हैं। मुलायम ने शिवपाल और अमर सिंह का खुलकर पक्ष लेते हुए कहा कि इनके बारे में बुरा नहीं सुन सकता।
पार्टी में उठे विवाद पर अमर उजाला डॉट कॉम ने अपने पाठकों से सवाल करके उनकी राय जानने की कोशिश की। सवाल है कि सपा में सियासी संग्राम रोकने के लिए मुलायम को क्या करना चाहिए? इसके लिए पाठकों को तीन विकल्प दिए गए। पहला खुद मुख्यमंत्री बनें, दूसरा शिवपाल को कमान दें और तीसरा अखिलेश पर भरोसा रखें।
कुल 7,626 पाठकों ने इस ऑनलाइन पोल में हिस्सा लिया। इसमें सबसे अधिक 66.75 फीसदी यानी 5,090 पाठकों ने तीसरे विकल्प को चुना है। इनका मानना है कि अगर सपा को विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करना है तो वह अखिलेश यादव पर भरोसा रखे। वहीं 28.35 फीसदी यानी 2,162 पाठकों ने माना कि अखिलेश-शिवपाल के झगड़े से पार्टी की छवि पर असर पड़ रहा है, इसलिए मुलायम को खुद मुख्यमंत्री का दावेदार बन जाना चाहिए। 4.9 फीसदी यानी 374 पाठकों ने माना कि शिवपाल को कमान दे दी जानी चाहिए।