तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत और धरोहर कहे जा रहे 'जल्लीकट्टू' के समर्थन में नेता से लेकर अभिनेता भले ही आ रहे हों, लेकिन ज्यादातर लोग इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं।
दरअसल, जल्लीकट्टू पर ताजा विवाद और प्रदर्शनों के चलते अमर उजाला ने अपने ऑनलाइन पोल के जरिए पाठकों की राय लेनी चाही तो ज्यादातर पाठकों ने इस खेल पर सुप्रीम कोर्ट के बैन को सही ठहराया।
ऑनलाइन पोल में सवाल किया गया था कि क्या जल्लीकट्टू पर बैन जारी रहना चाहिए?
सबसे ज्यादा 55.37 फीसदी (3673) पाठकों ने कहा कि जल्लीकट्टू पर बैन रहना चाहिए। 41.46 फीसदी (2750) पाठकों ने बैन को गलत बताया। 3.17 फीसदी (210) पाठकों ने इस सवाल का जवाब देने में असमर्थता जताई। कुल 6633 लोगों ने इस ऑनलाइन पोल में हिस्सा लिया।
बता दें कि तमिलनाडु समेत दुनियाभर में फैले तमिलों ने इसके समर्थन में कोई कसर नहीं छोड़ी है। यहां तक की सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद इसे जारी रखने के लिए केंद्र सरकार को अध्यादेश लाना पड़ा और पीएम नरेंद्र मोदी तक को समर्थन में आना पड़ा है।