मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा था कि मैं यह सोच रहा हूं कि स्कूल बस ड्राइवर और सुरक्षा गार्ड से लेकर अन्य स्कूल कर्मियों के लिए महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए। हालांकि इस योजना को अमल में लाने से पहले मैं अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से मिलकर विमर्श करूंगा।
जावड़ेकर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए मैंने सोमवार को मंत्रालय खुलते ही सभी अधिकारियों की बैठक ली और पूर्व में ऐसे हादसों या दिक्कतों पर भेजी गई एडवाइजरी की जानकारी ली। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि देशभर के सभी स्कूलों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी करें। साथ ही वे जांच भी करते रहें कि स्कूल इन एडवाइजरी पर अमल करते हैं या नहीं।
अमर उजाला डॉट.कॉम ने ऑनलाइन पोल कराया और पाठकों से पूछा, "क्या महिला कर्मचारियों के हवाले स्कूल बसों की निगरानी से वारदातों में कुछ कमी आएगी?"
पोल में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 6944 पाठकों में से 60.01 फीसदी यानि 4173 पाठकों ने माना कि इस फैसले के प्रभावी होने के बाद वारदातों में कुछ कमी आएगी। वहीं 32.13 फीसदी यानि 2231 पाठकों ने कहा कि इस फैसले के प्रभावी होने के बाद भी वारदातों में कमी नहीं आएगी। 7.78 फीसदी यानि 540 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।