कालेधन पर लगाम कसने के लिए नोटबंदी के ऐलान के बाद अब मोदी सरकार सोने की घरेलू खपत को सीमित करने पर फैसला ले सकती है। इस तरह की खबरों के बाद सोने की कीमतों में भारी गिरावट आ रही है। इतना ही नहीं सरकार के इस अगले कदम की वजह से सोने के आयात में भी कटौती हो सकती है।
बताते चलें कि इस कटौती के चलते भारत को व्यापार में घाटे का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि भारत की तरफ से वस्तुओं के आयात में सोने व चांदी की दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो चीन के बाद सोने की सबसे ज्यादा खपत करने वाला देश भारत है।
ऐसे में भारत में सोने के प्रति लगाव में कमी से विश्व बाजार भी अछूता नहीं रह सकता। सोने की खपत सीमित करने पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल किया। पाठकों से सवाल पूछा, 'क्या सरकार को घरों में सोना रखने की सीमा तय करनी चाहिए?'
पोल में कुल 9,008 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 64.54 फीसदी यानि 5,814 पाठकों का मानना है कि मोदी सरकार को नोटबंदी की तरह घरों में सोना रखने की सीमा करनी चाहिए। 32.60 फीसदी यानि 2,937 पाठकों ने माना कि सरकार को घरों में सोना रखने की सीमा तय नहीं करनी चाहिए। वहीं 2.85 फीसदी 257 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।