नोटबंदी के बाद बैंकों और एटीएम की कतारों में खड़ी होने वाली ज्यादातर आबादी में से जन धन खाता धारकों की भी खासी संख्या। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक कई हजार करोड़ रुपए जन धन खातों में भी जमा हुए हैं। इसको लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि तमाम जन धन खातों में जमा पैसे पर आयकर विभाग संज्ञान लेगा और ज्यादा रकम जमा होने पर कार्रवाई का नोटिस भी खाता धारकों को जारी होगा। ऐसे कयासों पर विराम लगाते हुए शनिवार को यूपी के मुराबाद में पीएम मोदी ने ऐसी घोषणा कर दी कि सब सन्न रह गए और गरीबों के जन धन खाता धारकों के चेहरे खिल गए।
पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने दूसरों के जनधन खातों के जरिए कालाधन ठिकाने लगाया है, अब सरकार उन्हें सबक सिखाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि वे जन धन खाता धारकों से अपील करते हैं कि उनके खाते में आए पैसों को किसी को लौटाने की जरूरत नहीं है, उनसे सरकार निपटेगी।
पीएम की इस बात पर अमर उजाला ने अपने पाठकों से पोल के जरिए राय लेनी चाही। अमर उजाला ने पाठकों से पूछा कि पीएम मोदी का ये कहना कि जनधन एकाउंट में जमा पैसा धारक का ही होगा, संभव लगता है?
इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। सबसे ज्यादा 61.23 फीसदी (4688) पाठकों ने कहा कि ऐसा संभव लगता है। 33.66 फीसदी (2577) पाठकों ने पीएम की बात के हकीकत में बदलने की संभावना से इनकार किया। वहीं, 5.12 फीसदी (392) पाठकों ने कहा कि वे इस बारे में कुछ भी कह नहीं सकते। पोल में कुल 7657 पाठकों ने हिस्सा लिया।