सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कहा है सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न फील्ड मार्शल जनरल केएम करिअप्पा को मिलना चाहिए। उन्हें इससे सम्मानित नहीं करने का कोई कारण नजर नहीं आता है। करिअप्पा के लिए भारत रत्न की सिफारिश करने का सही समय आ गया है।
मालूम हो कि जनरल करिअप्पा और जनरल थिमैया दोनों की कोडागु जिले के रहने वाले थे। मालूम हो कि जनरल करिअप्पा को 28 अप्रैल, 1986 को फील्ड मार्शल का रैंक प्रदान किया गया था।
दूसरे विश्व युद्ध में बर्मा में जापानियों को शिकस्त देने के लिए उन्हें ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर का प्रतिष्ठित तमगा दिया गया था। पाकिस्तान के खिलाफ 1947 की लड़ाई में भाग लेने वाले करिअप्पा 1953 में रिटायर हुए थे और 1993 में 94 साल की आयु में उनका निधन हुआ था।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या फील्ड मार्शल केएम करिअप्पा को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए? इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 5348 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 79.51 फीसदी (4252) पाठकों ने माना कि करिअप्पा को भारत रत्न मिलना चाहिए। जबकि 15.67 फीसदी पाठक (838) लोगों का कहना है कि करिअप्पा को यह सम्मान नहीं मिलना चाहिए। वहीं, 4.82 फीसदी (258) पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।