पाकिस्तान में भारतीय राजनयिकों के उत्पीड़न के मामले बढ़ते जा रहे हैं। एक नई घटना में पाक ने भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को बैसाखी के त्यौहार पर पंजा साहिब गए सिख श्रद्धालुओं से मिलने से रोक दिया।
भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे विएना समझौते का खुला उल्लंघन बताया है। विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पाक की ये हरकत ‘अतार्किक कूटनीतिक बेअदबी’ है। पाक ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब राजनयिकों के उत्पीड़न मामले में दोनों पक्षों ने समाधान ढूंढने पर सहमति दी थी।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 1800 सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था तीर्थाटन सुगमता संधि के तहत 12 अप्रैल को पाकिस्तान गया था। इन श्रद्धालुओं का गुरुद्वारा पंजा साहिब में सम्मान होना था।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या पाकिस्तान में भारतीय तीर्थयात्रियों के रोके जाने पर भारत को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 2636 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 88.05 फीसदी (2321 वोट) पाठकों ने माना कि पाकिस्तान में भारतीय तीर्थयात्रियों के रोके जाने पर भारत को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जबकि 11.95 फीसदी (315) पाठकों ने माना कि पाकिस्तान में भारतीय तीर्थयात्रियों के रोके जाने पर भारत को कड़ी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।