सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सेनाओं के लड़ाकू विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाओं की शीर्ष अदालत की निगरानी में जांच कराने के लिये दायर जनहित याचिका पर विचार से सोमवार को इंकार कर दिया। यह याचिका हाल ही में बंगलुरू में भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण विमान मिराज-2000 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना के परिप्रेक्ष्य में दायर की गई थी। इस हादसे में वायुसेना के दो पायलट मारे गये थे। इसके बाद आवाज उठने लगी है कि भारतीय वायुसेना को तीसरी व चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
इसी को लेकर अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल में सवाल किया था कि क्या भारतीय वायुसेना को तीसरी और चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए? इसके जवाब में कुल 4322 वोट पड़े। इसमें 74.34 फीसद लोगों ने इसके समर्थन में वोट डाला वहीं 25.66 फीसद लोगों ने कहा कि वायुसेना को इन विमानों का प्रयोग जारी रखना चाहिए।