आगामी पंजाब चुनाव के लिए पार्टियों ने कमर कस ली है। इसी बीच दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक घोषणा करके दिल्ली वालों को चौंका दिया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब से पार्टी के सीएम उम्मीदवार होंगे। ये बड़ा ऐलान उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए किया।
हालांकि, उन्होंने बात को घुमा दिया और कहा कि जो भी आप की तरफ से सीएम बने उसकी जिम्मेदारी केजरीवाल की ही होगी। उन्होंने कहा कि मुझसे कई बार पूछा गया कि पंजाब में 'आप' का सीएम कैंडिडेट कौन होगा तो ये मान कर चलें कि पंजाब के सीएम केजरीवाल ही होंगे।
सिसोदिया के ऐलान के बाद ही ये बात सामने आ गई कि केजरीवाल के उस वादे का क्या जो उन्होंने दिल्ली में जीत के पर्चे को लहराने के बाद किया था। वादे के मुताबिक उन्होंने कहा था कि वे अगले पांच साल तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहेंगे। अब एक सवाल उठ रहा है कि क्या केजरीवाल अपने वादे से बदल रहे हैं।
इसी पर अमर उजाला डॉट कॉम ने पोल किया। पोल में सवाल पूछा, 'क्या केजरीवाल को पंजाब का सीएम कैंडिडेट बनाया जाना दिल्ली के वोटरों के साथ धोखा है?' पोल में कुल 9,772 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 74.65 फीसदी यानि 7,295 पाठकों ने माना कि केजरीवाल को पंजाब का सीएम कैंडिडेट बनाया जाना दिल्ली वालों से धोखा है। 23.36 फीसदी यानि 2,283 पाठकों ने माना कि केजरीवाल भ्रष्टाचार की लड़ाई के खिलाफ अगर उम्मीदवार बनते हैं तो यह गलत नहीं होगा। वहीं 1.99 फीसदी यानि 194 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।