भारत में लड़कियों के प्रति ऐसी विचारधारा है कि उन्हें देर रात घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। उन्हें शुरुआत से ही यह कहा जाता है कि देर रात तक घर से बाहर रहना सही नहीं है। बंदिशों की इन बेडियों में जकड़ने से हम उनकी आजादी पर तो बंदिश लगा ही रहे हैं उनकी उड़ान पर भी लगाम लगा रहे हैं। उनके हौसलों और इच्छाओं को भी समाज की गैरजरूरी बंदिशों तले दाब दे रहे हैं।
आखिर जब एक लड़का देर रात तक घर से बाहर रह सकता है चाहे वो काम के नाम पर हो या घूमने फिरने के तो फिर एक लड़की को ऐसा माहौल क्यों नहीं मिलना चाहिए, क्या वह बराबरी की हकदार नहीं है। उस पर लगाम लगाने से अच्छा, क्यों न हम अपने बेटों को इसके लिए तैयार करें कि वह लड़कियों के प्रति अपना नजरिया बदलें।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आपकी नजर में लड़कियों को देर रात घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए? सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 13532 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 56.5 फीसदी (7646 वोट) ने माना कि लड़कियों को देर रात घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। जबकि 39.78 फीसदी पाठक (5383 वोट) ने माना ऐसा नहीं होना चाहिए। वहीं, 3.72 फीसदी (503 वोट) पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।