तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है, पलानीसामी को नए मुख्यमंत्री के रूप में चुन लिया गया। लेकिन पार्टी में उठी बगावत आज बड़ी चर्चा का मुद्दा बना हुआ है, क्योंकि पनीरसेल्वम को पार्टी से निकाल दिया गया। दरअसल, शशिकला ने पनीरसेल्वम को पार्टी से निकालने का फैसला जेल जाने से पहले लिया। जब सुप्रीम कोर्ट में शशिकला के खिलाफ फैसला सुनाया जा रहा था उसी दौरान वे रिजार्ट पर अपने विधायकों के साथ बैठक कर रही थीं।
बैठक के बाद उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी हटा दिया गया।पनीरसेल्वम को पार्टी से निकाले जाने पर अमर उजाला ने पोल किया। पोल में सवाल पूछा, 'क्या पनीरसेल्वम और उनके समर्थकों को पार्टी से बाहर निकालना सही है?'
पोल के दूसरे दिन में कुल 14,556 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 75.21 फीसदी (10,947) पाठकों के मुताबिक पनीरसेल्वम और उनके समर्थकों को पार्टी से बाहर करना सही कदम नहीं है। 21.22 फीसदी (3,089) पाठकों के मुताबिक जिस तरह उन्होंने बगावत का रवैया अपनाया है पार्टी ने उनके खिलाफ सही फैसला लिया है। वहीं 3.57 फीसदी (520) पाठकों ने अपना जवाब देने में असमर्थता जताई।