भारतीय चुनाव आयोग अगले लोकसभा चुनाव से पहले हर मतदाता को भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस की भूमिका निभाने की योजना बना रहा है।
इस योजना को अमलीजामा पहनाने से पहले आयोग की एक टीम इस समय एक मोबाइल एप्लीकेशन पर काम कर रही है। जिसका नाम है ई-नेत्र। अगर कोई नेता आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पैसा या शराब बांटने की कोशिश या फिर भड़काऊ भाषण देता है तो कोई भी शख्स ऐप के जरिए उसकी शिकायत कर सकता है। सबूत के तौर पर फोटो या वीडियो भी अपलोड करनी होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत ने इस बात की जानकारी निजी अखबार को एक इंटरव्यू के दौरान दी। उन्होंने बताया, 'हमारे आईटी विभाग ने अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक ऐप तैयार की है।
इस ऐप को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चार राज्यों (राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम) में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रयोग किया जाएगा।' उन्होंने बताया कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बंगलूरू नगर निगम ने चुनाव आयोग के लिए ऐसी ही ऐप बनाई थी लेकिन वह चुनाव से कुछ समय पहले ही आ पाई थी।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या ई-नेत्र मोबाइल एप्लीकेशन से चुनाव प्रक्रिया पर देश की जनता का भरोसा बढ़ेगा?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 1893 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 68.57 फीसदी (1298 वोट) पाठकों ने माना कि ई-नेत्र मोबाइल एप्लीकेशन से चुनाव प्रक्रिया पर देश की जनता का भरोसा बढ़ेगा। जबकि 31.43 फीसदी (595 वोट) पाठकों ने माना कि ई-नेत्र मोबाइल एप्लीकेशन से चुनाव प्रक्रिया पर देश की जनता का भरोसा नहीं बढ़ेगा।