राज्यसभा में बुधवार को उस समय एक अप्रत्याशित नजारा देखने को मिला, जब राजद के मनोज झा ने झुनझुना लहरा दिया। सवर्ण गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय को उन्होंने झुनझुना बताया।
राजद सदस्य ने झुनझुना दिखाते हुए कहा कि यह झुनझुना तो हिलता भी है और बजता भी है, लेकिन सरकार आरक्षण के नाम पर जो झुनझुना दिखा रही है, वह केवल हिलता है, बजता नहीं है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सामान्य वर्ग के गरीबों को निजी शिक्षण संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला सही है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 5655 वोट मिले। इनमें 72.33 फीसदी (4090 वोट) पाठकों ने माना कि सामान्य वर्ग के गरीबों को निजी शिक्षण संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला सही है। जबकि 27.67 फीसदी (1565 वोट) पाठकों ने माना कि सामान्य वर्ग के गरीबों को निजी शिक्षण संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला सही नहीं है।