8 नवंबर 2016 को भारत सरकार ने कुछ नोटों को चलन से बाहर करते हुए नए नोट लाने का फैसला लिया था। इसके तहत पांच सौ और एक हजार के नोटों को बंद कर दिया गया था और पांच सौ और दो हजार के नए नोट लाए गए थे। इसके अलावा हाल में ही सौ रुपये के नोट की डिजाइन और रंग में भी बदलाव किया गया है। इन सबके बीच नई डिजाइन और रंगों के साथ जब नए नोट बाजार मं आते हैं तो असली-नकली के फेर में आम आदमी फंस जाता है।
इसको लेकर अमर उजाला ने अपने पाठकों से सवाल पूछा था कि क्या करेंसी नोट के रंग और डिजाइन बदलने से आम नागरिकों को असुविधा होती है? इसके जवाब में कुल 4194 वोट पड़े। वोटरों की इस सवाल पर प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। 52.19 फीसदी लोगों ने कहा कि करेंसी के रंग और डिजाइन में बदलाव करने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। वहीं, 47.81 फीसदी लोगों ने कहा कि करेंसी की डिजाइन और रंग में परिवर्तन से कोई समस्या नहीं होती।