चीन के उत्पादों के बहिष्कार पर बहस तेज हो गई है और इसकी चिंगारी चीनी मीडिया में भी देखी जा रही है। चीनी मीडिया ने कहा कि भारतीय उत्पादों में इतना दम नहीं की वह चीनी उत्पादों के आगे टिक सकें। भारतीय सोशल मीडिया पर चीन के उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान लोगों की भावनाओं को भड़काने के लिए किया जा रहा है। 'ग्लोबल टाइम्स' ने कहा कि भारतीय सिर्फ चिल्ला सकते हैं, दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने की दिशा में कुछ नहीं कर सकते।
चीन के ऐसे रवैये पर अमर उजाला डॉट कॉम ने पाठकों से सवाल किया कि क्या चीनी उत्पादों के बहिष्कार के लिए चल रही मुहिम कारगर साबित होगी? पोल में कुल 8,058 पाठकों ने हिस्सा लिया। इनमें से सबसे अधिक पाठकों ने विकल्प हां को चुना। 73.67 फीसदी यानी 5,936 पाठकों का मानना है कि चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम कारगर साबित होगी। वहीं दूसरी तरफ 23.22 फीसदी यानी 1,871 पाठकों ने दूसरे विकल्प को चुना, जिनके मुताबिक, बहिष्कार की मुहिम के बावजूद चीनी वस्तुएं फिर भी देश में जोरों से बिकेंगी। 3.11 फीसदी यानी 251 पाठकों ने तीसरे विकल्प कह नहीं सकते को चुना।