वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में सहज कारोबार करने में भारत की स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाराजगी जाहिर की। दरअसल, भारत 90 देशों की सूची में 130वें पायदान पर आया। इसके ऊपर पीएम मोदी ने शीर्ष नौकरशाहों से कहा है कि वर्ल्ड बैंक की टिप्पणियों का अध्ययन कर सरकार को रिपोर्ट दें।
16वें प्रगति (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस ऐंड टाइमली इंप्लिमेंटेशन) सम्मेलन में बोलते हुए पीएम मोदी ने नौकरशाहों से कहा कि इस मामले पर फीडबैक दे। उन्होंने शीर्ष नौकरशाह कैबिनेट सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा को कहा है कि वे अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे विषयों को चिन्हित करें जिसमें अभी सुधार की गुंजाइश है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने अपने पाठकों की राय जानने की कोशिश की। सवाल किया गया कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में भारत के पिछड़ने के लिए कौन जिम्मेदार है? इसमें पाठकों को तीन विकल्प दिए गए पहला केंद्र सरकार, दूसरा राज्य सरकार और तीसरा नौकरशाही।
कुल 4,635 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया, जिसमें सबसे अधिक 41.96 फीसदी यानी 1,945 पाठकों ने तीसरे विकल्प को चुना। इनका मानना है कि भारत के पिछड़ने के लिए नौकरशाही जिम्मेदार है। वही 33.68 फीसदी यानी 1,561 पाठकों ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार माना है। 24.36 फीसदी यानी 1,129 पाठकों ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।