तमाम मुद्दों से इतर देश की सियासत इस बात पर आकर ठिठक गई है कि पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव से पहले आम बजट पेश हो या नहीं। कांग्रेस समेत 16 विपक्षी दल आम बजट पेश होने की तारीख को बदलने को लेकर चुनाव आयोग से लेकर राष्ट्रपति भवन तक का रुख कर चुके हैं, लेकिन अमर उजाला के 56.77 फीसदी पाठकों की मानें तो आम बजट की तारीख नहीं बदलनी चाहिए।
विपक्षी दलों की दलीलें हैं कि चुनावों से पहले आम बजट पेश कर केंद्र की बीजेपी सरकार इसका चुनावी फायदा उठा सकती है। विपक्षी दलों की मानें तो मोदी सरकार जानबूझकर लोक लुभावन घोषणाएं कर वोटरों को अपनी तरफ खीचने की कोशिश कर सकती है।
आम बजट को लेकर मचे सियासी घमासान पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल के जरिए पाठकों से राय ली। सबसे ज्यादा 56.77 फीसदी (4595) पाठकों ने कहा कि आम बजट की तारीख नहीं बदलनी चाहिए। 42.03 फीसदी (3402) पाठकों ने विपक्ष की राय से इत्तेफाक रखते हुए आम बजट की तारीख बदलने के पक्ष में सहमति जताई। 1.2 फीसदी (97) पाठकों ने कहा कि वे इस बारे में कुछ भी कह नहीं सकते हैं। पोल में कुल 8094 पाठकों ने हिस्सा लिया।