आज आम आदमी पार्टी ने अपने राज्यसभा भेजे जाने वाले उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी, जिसके बाद पार्टी के अंदर की सियासत तेज हो गई है। लंबे अरसे से राज्यसभा के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे पार्टी नेता कुमार विश्वास अपना पत्ता कटने से बेहद खफा हैं।
आप की पीएसी बैठक के बाद जब तीनों उम्मीदवारों में उनके नाम की घोषण नहीं हुई तो उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर मीडिया के सामने अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए केजरीवाल के पिछले डेढ़ साल में किए गए कई फैसलों पर उंगली उठाई।
उन्होंने कहा मेरे दोस्त और हमारे नेता अरविंद चाहे आंतरिक भ्रष्टाचार से मुंह फेरें, चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, चाहे शहीदों के शवों से छेड़छाड़ हो, या पंजाब में पार्टी की हार हो या जेएनयू का विषय हो जब-जब मैंने सच बोला उसका पुरस्कार आज मुझे दंडस्वरूप मिला है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने ये भी कह दिया कि वह अब भी पार्टी और आंदोलन का हिस्सा हैं।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'केजरीवाल के कुमार विश्वास को राज्यसभा न भेजने के फैसले को आप कैसा मानते हैं'? सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 4717 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 69.64 फीसदी (3285 वोट) ने माना कि यह फैसला गलत है। जबकि 26.44 फीसदी पाठकों (1247 वोट) ने इस फैसले को सही माना। वहीं, 3.92 फीसदी (185 वोट) पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।