दो दिवसीय यात्रा पर नेपाल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को स्वदेश वापस लौट चुके हैं। इस दौरे के दौरान पीएम ने नेपाल और भारत के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के 'समृद्ध नेपाल और सुखी नेपाल', और ‘सबका साथ, सबका विकास’ अभियान को जोड़ते हुए कहा था कि भारत भी नेपाल की समृद्धि और खुशहाली चाहता है।
वहीं नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने पीएम नरेंद्र मोदी को भरोसा दिलाया कि वह अपनी जमीन का भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल नहीं होने देंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल में शनिवार सुबह मुक्तिनाथ धाम और भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन किए। उल्लेखनीय है कि भारत के 5 राज्यों (सिक्किम, बिहार, प बंगाल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) की सीमा नेपाल से लगती है। इसलिए नेपाल के प्रधानमंत्री का यह बयान भारत के लिए काफी मायने रखता है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या प्रधानमंत्री के दौरे के बाद नेपाल, चीन के प्रभाव से बाहर आ पाएगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,583 वोट मिले। इनमें 50.48 फीसदी (1,304 वोट) पाठकों ने माना कि प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के बाद नेपाल, चीन के प्रभाव से बाहर आएगा, जबकि 49.52 फीसदी (1,279 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद भी नेपाल, चीन के प्रभाव से बाहर नहीं आ पाएगा।