राहुल गांधी की अध्यक्षता में शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली में शुरू हुए कांग्रेस अधिवेशन का आज आखिरी दिन था। अपने समापन भाषण में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के मौजूदा हालातों की तुलना महाभारत से की। उन्होंने कहा कि 'हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र में युद्ध हुआ था जिसमें एक तरफ कौरव सत्ता के नशे में चूर थे तो वहीं पांडव बड़े ही विनम्र थे। आज भाजपा भी सत्ता के नशे में चूर है। कांग्रेस पांडवों की तरह सच्चाई के लिए लड़ती है जो कि एक सच्चाई का संगठन है और जिससे देश को बहुत उम्मीदें हैं।
उन्होंने कहा कि 'भाजपा ने हत्या के आरोपी को अपनी पार्टी का अध्यक्ष बना दिया।' इस दौरान राहुल गांधी ने पीएनबी फ्रॉड के आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी और ललित मोदी के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि 'मोदी उपनाम अब भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है। एक मोदी ने दूसरे मोदी को 30 हजार करोड़ दे दिए।'
राहुल ने कांग्रेस पार्टी के संगठन में बदलाव के भी संकेत दिए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक दीवार है जिसे मैं तोड़कर रहूंगा। युवा और राजनीतिक सिस्टम में भी दीवार है। हम इज्जत और प्यार से दीवार तोड़ेंगे। हम संगठन से जुड़े आखिरी कार्यकर्ताओं को मौका देंगे।'
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या राहुल गांधी की अध्यक्षता में हो रहे कांग्रेस सम्मेलन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3,213 वोट मिले। इनमें 50.7 फीसदी (1629 वोट) पाठकों ने माना कि राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुए कांग्रेस सम्मेलन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, जबकि 49.3 फीसदी (1,584 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुए कांग्रेस सम्मेलन के बाद भी पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं बढ़ेगा।