सर्वोच्च न्यायालय ने हाल में फैसला सुनाया है कि पटाखे जलाने पर रोक नहीं, लेकिन ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल करना है। अदालत ने साफ कहा है कि अगर इनका पालन नहीं होता है तो इसे सीधे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एकमात्र रास्ता रैली, प्रदर्शन और आंदोलन ही रह गया है?'
पोल के जवाब में 82.77 फीसदी पाठकों ने माना कि प्रशासन पटाखों को जलाने संबंधी नियमों का पालन नहीं करा सकेगा, जबकि 17.23 फीसदी पाठकों ने कहा कि प्रशासन पटाखों को जलाने संबंधी नियमों का पालन करा सकेगा।