गुजरात में गौहत्या की रोकथाम को लेकर पास किए गए नए कानून से ज्यादार पाठकों ने भी सहमति जताई है। पाठकों की राय में गौहत्या पर लगाम लगाने के लिए कड़े कानून बनाने ही होंगे।
शनिवार को गुजरात विधानसभा में गौहत्या विधेयक पास हुआ। सूबे में अगर कोई व्यक्ति गौहत्या का दोषी पाया जाता है, तो उसे 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। दोषी पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हालांकि गुजरात में गौहत्या कानून पहले से ही मौजूद था, लेकिन अब उसे और सख्त बनाया गया है। वहीं, यूपी की योगी सरकार भी गायों के संरक्षण के लिए सजग और सक्रिय दिख रही है। इसी को देखते हुए अमर उजाला ने अपने ऑनलाइन पोल के जरिए पाठकों की राय जाननी चाही। पोल में सवाल किया गया कि क्या ऐसे कड़े कानूनों से गौहत्या पर लगाम लग पाएगी?
सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़चढ़कर प्रतिक्रियाएं दीं। सबसे ज्यादा 85.73 फीसदी (11,589) पाठकों ने कहा कि कड़े कानूनों से गौहत्या पर लगाम लगेगी। 11.73 फीसदी (1,585) पाठकों ने कहा कि कड़े कानूनों से इस संबंध में कोई फायदा नहीं होगा। वहीं, 2.54 फीसदी (344) पाठकों ने सवाल का जवाब देने में असमर्थता जताई। पोल में कुल 13,518 पाठकों ने हिस्सा लिया।