महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बीच अब शिवसेना के भविष्य को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट के बीच शिवसेना को लेकर बवाल मचा हुआ है। विधानसभा में बहुमत परीक्षण के दौरान भी दोनों गुटों ने अपना-अपना व्हिप जारी कर पार्टी दावा पेश किया था। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
इस बीच अमर उजाला ने अपने पाठकों से पूछा कि क्या शिवसेना की बागडोर राज ठाकरे को संभालनी चाहिए? इस पर बड़ी संख्या में लोगों ने जवाब दिया। पोल में हमने पाया कि करीब 78 फीसदी लोग मानते हैं कि राज ठाकरे को शिवसेना की बागडोर संभालनी चाहिए। वहीं, 22 फीसदी लोग इसके पक्ष में नहीं थे।
शिंदे गुट ने उद्धव पर लगाए थे आरोप
इससे पहले शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व के मुद्दे से समझौता करने के आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि उद्धव ने कांग्रेस-एनसीपी से गठबंधन कर बाला साहेब और शिवसेना के हिंदुत्व के मुद्दे को ताक पर रख दिया। इससे कांग्रेस और एनसीपी तो मजबूत होती गई, लेकिन शिवसेना को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
राज ठाकरे हिंदुत्व के मुद्दे पर उद्धव से भिड़े
हाल ही में महाराष्ट्र में उठे लाउडस्पीकर और हनुमान चालीसा के मुद्दे के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव सरकार को अल्टीमेटम दे दिया था। मनसे प्रमुख ने कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर बंद हो जाने चाहिए, नहीं तो हम लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। यह एक सामाजिक मुद्दा है, धार्मिक नहीं। मैं राज्य सरकार से कहना चाहता हूं, हम इस विषय पर पीछे नहीं हटेंगे, आपको जो करना है कीजिए। ऐसे में राज ठाकरे को कुछ लोग राज्य में हिंदुत्व के चेहरे के रूप में देख रहे हैं और उद्धव की जगह शिवसेना का नेतृत्व करते देखना चाहते हैं।