कर्ज माफी और फसल का वाजिब दाम की मांग को लेकर मध्य प्रदेश में छह दिनों से चल रहा किसान आंदोलन मंगलवार को इतना हिंसक हो गया कि मंदसौर में सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ को फायरिंग करनी पड़ी। फायरिंग में छह किसानों की मौत हो गई जबकि कई अन्य जख्मी हो गए।
सरकार ने मृतकों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। शहर में मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी के बाद अब भी कर्फ्यू लगा हुआ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं जबकि कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया। गृह मंत्री ने कहा कि कुछ लोग किसानों की आड़ में सियासत कर रहे हैं और कानून ऐसे लोगों से सख्ती से निपटेगा।
इस पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आपको लगता है कि सरकारें किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती हैं?' इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 14,655 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। पोल में सबसे अधिक 71.46 फीसदी यानि 10,472 पाठकों का मानना है कि सरकारें किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती हैं। 25.44 फीसदी यानि 3,728 पाठकों ने माना कि सरकारें किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेती है। वहीं, 3.1 फीसदी यानि 455 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।