भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एक बयान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ‘चतुर बनिया’ बता दिया। इसके बाद कांग्रेस ने भाजपा की कड़ी निंदा करने के साथ ही माफी मांगने की मांग की। शुक्रवार शाम को रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शाह ने राष्ट्रपिता की जाति का उल्लेख करते हुए कहा कि वह एक ‘चतुर बनिया’ थे। उन्होंने आजादी के बाद कांग्रेस को भंग करने की सलाह दी थी।
कांग्रेस ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि राष्ट्रपिता का ‘अपमान’ किया गया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, जातिवाद से लड़ने के बजाय उन्होंने (भाजपा) राष्ट्रपिता की ही जाति बताना शुरू कर दिया। इससे सत्तारूढ़ दल और उसके अध्यक्ष का चरित्र और विचारधारा का पता चलता है। ऐसे लोग देश को कहा ले जाएंगे?
अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आपको लगता है कि भाजपा अध्यक्ष को ऐसे बयानों से परहेज करना चाहिए?' इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 12,734 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। पोल में सबसे अधिक 62.37 फीसदी यानि 7942 पाठकों का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष को ऐसे बयानों से परहेज करना चाहिए। वहीं, 34.62 फीसदी यानि 4408 पाठकों का मानना है कि बापू पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का बयान गलत नहीं है। 3.02 फीसदी यानि 384 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।