भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) उद्योग का योगदान अतुलनीय है। देश में आज लगभग 6.3 करोड़ एमएसएमई इकाइयां हैं, जो 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराती हैं। एमएसएमई सेक्टर देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 30% और कुल निर्यात में करीब 48% का योगदान करता है। यह सेक्टर टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेटल्स, मशीनरी, फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग जैसे निर्माण-क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जिससे भारत वैश्विक परिदृश्य में तेजी से एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है।
इनोवेशन और भारतीय तकनीक की बदौलत एमएसएमई सेक्टर क्वालिटी प्रोडक्ट्स, समय पर डिलीवरी, किफायती उत्पादन, और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर लगातार शानदार काम कर रहा है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी सरकारी योजनाओं ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नए द्वार खोले हैं और उसे पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी तथा आत्मनिर्भर बनाया है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ी उपलब्धियां, भारत मंडपम में मिलेगा बड़ा मंच
इन्हीं उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए अमर उजाला
MSME For Bharat Awards 2025 का आयोजन 9 अक्टूबर को भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में किया जा रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड उन उद्योगों को मिलेगा, जो क्वालिटी, इनोवेशन, ग्रीन प्रैक्टिसेज, रोजगार सृजन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में आगे हैं। एमएसएमई मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी विजेताओं को सम्मानित करेंगे। इसमें देश भर के 1500 से अधिक डेलीगेट्स, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रमुख लोग शामिल होंगे, जिससे MSMEs को नेटवर्किंग और मार्गदर्शन का बेहतरीन अवसर मिलेगा।
नामांकन प्रक्रिया एवं पात्रता
आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। एमएसएमई उद्योग अपने बिज़नेस के अनुसार 15 श्रेणियों में से उपयुक्त श्रेणी चुन सकते हैं, जिनमें से ‘मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस’ विशेष रूप से उन इकाइयों के लिए है जिन्होंने निर्माण क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। नामांकन के लिए आपके पास एमएसएमई के रूप में Udyam रजिस्ट्रेशन होना चाहिए तथा कम से कम 2 वर्षों से आपने व्यवसाय में उल्लेखनीय कार्य किया हो। हर कैटेगरी में 3 सब-कैटेगरी (गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज) हैं। आवेदन के लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 है।
आवेदन प्रक्रिया – सरल एवं स्पष्ट
आवेदन के लिए
www.msmeforbharat.com पोर्टल पर जाएं या सीधे दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके आवेदन करें। अपनी कैटेगरी (जैसे ‘मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस’) का चयन करें। अपने बिज़नेस की मूलभूत और प्रदर्शन संबंधित जानकारी भरें तथा आवश्यक दस्तावेज की जानकारी दें। (जैसे Udyam Registration, वित्तीय रिपोर्ट आदि)। सबमिट पर क्लिक करें और रसीद प्राप्त करें।
प्रतिष्ठित संस्था मूर सिंघी करेगी आवेदनों का मूल्यांकन
सभी आवेदन का मूल्यांकन अमर उजाला के नॉलेज पार्टनर Moore Singhi की पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, जिससे योग्यतम MSMEs का चुनाव होगा। चयनित उम्मीदवारों से आगे की प्रक्रिया के बारे में संपर्क किया जाएगा और 9 अक्टूबर के फाइनल इवेंट में मंच पर बुलाया जाएगा।
MSMEs क्यों नामांकन करें?
यदि आपका उद्योग नवीन तकनीकों, उच्च गुणवत्ता मानकों, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात या रोजगार सृजन में अग्रणी है, तो यह राष्ट्रीय पहचान, ब्रांड वैल्यू और भारी नेटवर्किंग के लिए शानदार मौका है। अवॉर्ड जीतने वाले MSMEs को सिर्फ ट्रॉफी नहीं, बल्कि देशभर में नई पहचान, मीडिया कवरेज और उद्योग के शीर्ष विशेषज्ञों से मिलने-जुलने का सुनहरा अवसर मिलेगा। अत: ये अवसर न चूकें एमएसएमई उद्यमी, विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े उद्यम, इस सुनहरे मौके का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। अपनी सफलता की कहानी भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के सामने लाएं।
नामांकन प्रक्रिया नि:शुल्क और बेहद सरल है – आज ही आवेदन करें, क्योंकि अंतिम तिथि नजदीक है।