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अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में पहुंचे छात्र ने कहा- गांव के बच्चों को भी मिले सुविधाएं

Thu, 07 Jun 2018 04:58 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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एक छात्रा को सम्मानित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पीछे शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह। - फोटो : amar ujala
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दिल में अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कम सुविधाओं में भी कमाल किया जा सकता है। कुछ ऐसा ही कमाल कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के 232 मेधावी छात्रों ने। यूपी बोर्ड में 10वीं और 12वीं के छात्रों को सम्मानित किया गया इनमें अधिकतर बच्चे वो थे जिनके घर न तो बिजली की सुविधा थी न पानी की सुविधा और न ही पढ़ने के लिए उन्हें बेहतरीन सुविधाएं ही मिलीं लेकिन इन नौनिहालों ने कमाल कर दिखाया है।

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उल्लेखनीय है कि अमर उजाला पिछले सात वर्षों से सूबे में प्रथम आने वाले मेधावी छात्रों को सम्मानित करता आ रहा है। 'मेधावी छात्र सम्मान समारोह' में राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी छात्र-छात्राओं से रू-ब-रू हुए। उन्होंने छात्रों जीवन में संतुलन की महत्ता की बात समझाई। छात्रों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी तरह के शॉर्टकट से बचना चाहिए। अगर सफल होना है तो परीक्षा में नकल को न कहें। उन्होंने छात्रों से वादा किया कि उनकी सरकार शिक्षा व्यवस्था को सरल बनाने के लिए काम कर रही है।


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मुख्यमंत्री योगी ने मेधावी छात्रों के लिए चलाए जा रहे इस अभियान पर 'अमर उजाला' को बधाई दी। जब हमने इन मेधावी बच्चों से बातचीत की पता चला कि प्रतिभाओं को अभाव नहीं रोक सकता है। कार्यक्रम में ऐसे बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिनके गांवों में न तो बिजली है और न ही पानी की व्यवस्था है। छात्रों ने बताया कि उन्हें सौर ऊर्जा से बिजली मिलती है और उसी से उसने पढ़ाई की है। दसवीं के कई छात्रों ने मुख्यमंत्री से कहा कि यदि उनके गांव तक बिजली कनेक्शन आ जाए तो वे हर साल टॉप कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के एक कस्बे से आए बच्चे ने बताया कि मैं कभी बड़े शहरों में नहीं आया था... आज मैं लखनऊ घूम कर बहुत खुश हूं। लेकिन उससे पहले मैं अमर उजाला टीम को धन्यवाद देना चाहता हूं। बच्चे ने कहा कि आज हम यहां पर सभी लोग अपने प्रदेश के जिले से प्रतिनिधि बन कर आए हैं। हमारा उद्देश्य यह नहीं होना चाहिए कि हमने सफलता प्राप्त कर ली है। जिंदगी में अगर सफलता प्राप्त करना है  तो हमें निरंतर अपने कर्मपथ पर आगे बढ़ते रहना होगा। 

एक और मेधावी छात्र ने कहा कि मैं यह सोचता हूं कि जिस देश की 60 प्रतिशत आबादी युवा है, जिसमें से अधिकतर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं... अगर वे राजनीति में जाएं तो निश्चित तौर पर देश में बदलाव लाया जा सकता है।
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यूपी के एक गांव से आईं छात्रा ने बताया कि मैं लखनऊ दो बार आ चुकी हूं लेकिन इससे पहले मुझे यहां घूमने का मौका नहीं मिला था। लेकिन इस बार अमर उजाला की  तरफ से हमें घूमने का मौका भी दिया गया। हमारे माता-पिता भी लखनऊ शहर घूमे। वहीं इस सम्मान समारोह में आईं आर्या त्रिपाठी ने कहा, मैं पहले जिला टॉपर बनकर लखनऊ आई थी, अब स्टेट टॉपर होकर इस कार्यक्रम का हिस्सा बन रही हूं। यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। इसके लिए 'अमर उजाला' का धन्यवाद। छात्र दीपक पटेल लखनऊ घूमकर बहुत खुश नजर आए और उन्होंने कहा कि मैं देश का सफल नागरिक बनना चाहता हूं।

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